Mermaids in water of your eyes : आँखों के पानी में रहती है एक जलपरी

रविवार = कविवार …  I mean Sunday = ‘Kavi’day

रविवार कैसे बन गया ‘कवि’वार ? 

फ़िल्मी लाइन – Kavi on iPad कृत… कवि वार
साबुन वाली लाइन – हर हफ़्ते आत्मा की धुलाई, कविता पढ़ने पर साबुन मुफ़्त 

बाक़ी की लाइनें स्वयं पढ़ और सुन लीजिए, वीडियो की भी व्यवस्था है

This poem focuses on senstivity of an individual towards everything. Ideal for weekly soul washing


बूँदे लुटाता आसमान
आँखों से बहती जलपरी

पल पल कोलाहल है दुनिया
मन की समाधि जलपरी

अंदर चलता एक महायुद्ध
कृष्ण की गीता जलपरी

हर इंसान में हँसता शैतान
रूहानी मरहम जलपरी

आपकी आँखों के पानी में
उम्मीद बन तैरती जलपरी


© Siddharth Tripathi and www.KavioniPad.com, 2015

SidTree
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