Buildings of Old Delhi : पुरानी दिल्ली की हवेलियां

Old Delhi Painting

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पुरानी हवेलियां

सोती रहती हैं

बाज़ारों की पीठ पर टेक लगाकर

कभी मिलो.. जगाओ इनको

झुर्रीदार दरवाज़े, कांपती आवाज़ें

दीवारों से

उखड़ती झरती कहानियां

जब कभी बरसात होती है

बहुत सारी उदासी टपकती है यहां

वैसे पानी तो

अटारी पर चढ़े

उस फ्लैट पर भी बरसता है

पर वहां बूंदें

शीशे पर खेलती रहती हैं

किसी को नहीं भिगोतीं

यूं तो शहर बहुत बड़ा है

दूरियां बेशुमार

पर तन्हाइयों को

ये बूंदें जोड़ती हैं…

काश सब भीग पाते

 

© Siddharth Tripathi, Kavionipad.com, 2014
Twitter – @kavionipad
The artwork is drawn on an iPad Air,
App – Paper by 53,
Drawing tool – Pencil stylus by 53.

SidTree
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